Friday, August 27, 2010


****बंसी की मधुर सुना दो तान****



कान्हा मोहे बंसी की मधुर सुना दो तान
मै हूं तेरी प्रेम दीवानी अब तो लो पहचान

तुझ संग जबसे नैन लगाये
मां बाबुल मोहे कुछ ना भाये
तुझसे मिलन को व्याकुल है
बस मेरे कैदी प्राण

भूल गई सब प्रीत मे तेरी
पंथ निहारे पल-पल आंखिया मेरी
मेरी प्रीत से ओ निरमोही
अब ना बनो अनजान

लाज-शरम सब छोड के बैठी
बन्धन सारे तोड के बैठी
पीडा मेरी कुछ तो समझो
मोहे चरणो मे दे दो प्रभू स्थान

पूजा तोमर

Wednesday, August 25, 2010

****दिल्ली की बरसात****

दिल्ली की बरसात
लाई मुश्किलो की सौगात

हो गई एम सी डी की मात

ट्रैफिक जाम से लग गई वाट

जमुना बज़ार मे ताऊ की बह गई खाट
ले गई हुक्का-पानी अपने साथ

लडके-लडकी घुम रहे है हाथो मे लेकर हाथ
चाट-पकौडे वालो के हो गये ठाठ
बीस का हो गया जिसकी उमर है साठ
बट फ़ीकर नाट-नाट
पियो चाय-काफ़ी हाट- हाट


पूजा तोमर

Monday, August 23, 2010

****आज़ादी****

कहा खो गई वो हमारी आज़ादी
जिसके लिये वीरो ने जान तक गवा दी

मुझे मिली थी एक दिन किसी कोने मे
मैने पुछा क्या हुआ?
तो रुकर बोली मुझे बचालो
मेरे पीछे लगे है आतंकवादी

मै बोली तुम्हे और किससे डर है?
बोली मेरे दुश्मन और भी बहुत है
राजनीति,भ्रष्टाचार, जातिवाद, महगाई
और गरीबी इन सब ने भी की है मेरी बर्बादी

बोली यही नही यहा के लोग भी हिंसक है
मेरे रक्षक ही नपुंषक है
खुद के फयादे के लिये वीरो की
कुर्बानी भी खाक मे मिला दी

कभी असम,कभी कश्मीर मे
रोज़ बलात्कार मेरा होता है
कोई ना कोई रोज़ मुझे खोता है
चन्द टुकडो के लिये मेरी ही
नीलामी करवा दी

मै बोली तुझे तेरा हक मै दिलवाउंगी
तुझे इस डर से आज़ाद मै करवाउंगी
ये सुनकर बोली इसी आशा मे
ज़िन्दा हो बेटी वरना मेरी कबर तो कब
की नेताओ ने खुदवा दी

यही सोच कर ये कविता लिखी है
इस मै मे मै अकेली नही
सब साथ मेरा देना
फिर ही कभी हस पायेगी हमारी अज़ादी

पूजा तोमर

Sunday, August 22, 2010

****रिशते****

हमे जीना सिखाते है ये रिशते
संभालो प्यार से इनको
ये हाथ से छूट जायेंगे

हमे हसना सिखाते है ये रिशते
ना संभलोगे गर तो गिरके जमी
पर शीशे की तरह टूट जायेंगे

यही रिशते है जिनसे दुनिया चलती है
इन्ही रिशतो से दुनिया बसती है
यही रिशते बुरे वक़्त मे साथ निभायेंगे

पूजा तोमर

Friday, August 20, 2010

****दोस्ती****

दोस्ती के लिये ना जमी ना आसमान हो
बस मेरा दोस्त मुझ पर महरबान हो

क्या मांगो उस खुदा से
बस मेरा दोस्त मेरी दोस्ती का कदरदान हो

मेरी कमी को दिल से स्वीकारे
वो एक ऐसा इन्सान हो

जो सच है वही चेहरा दिखाये
मेरे दिल का पूरा ये अरमान हो

खुदा का रूप होता है दोस्त
उस पर कुर्बान दिलो जान हो

छोटा सा शब्द है ये
पर सबके दिल मे इसके
लिये सम्मान हो

वो करे ना दोस्ती जो निभा ना सके
जारी ये फरमान हो

पूजा तोमर

Wednesday, August 18, 2010

ये सूचना
जनहित
मे जारी

जो हर फ़िक्र को धुये मे उडाता है
वो हर पल मौत की तरफ़ कदम बडाता है

यही धुआ है सब दवाईयो पर भारी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

जो मानस नित पिये शराब
करे संग अपने दुजो की ज़िन्दगी भी खराब

इसी शराब ने लाखो की दुनिया उजाडी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

जो खाये पान मसाला और गुटखा
एक दिन खाये केन्सर का फटका

ये गुटखा लाये लाखो बिमारी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

वैसे तो कोई मानने नही वाला
भेजे पर पर्दा पडा है काला

नशे की नही किसी से यारी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

जो करे कोई भी नशा
समझो दलदल मे वो फसा

दूर ही रहने मे ही है समझदारी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

जो दोस्त है नशे के संगी
उनको सिखा बाते चंगी

नशे से और भी है चीज़े प्यारी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

बाप हो चाहे जितना बडा शराबी
बेटे को देना ना चाहे ये आदत नावाबी

ज़िन्दगी को अपनी ना बना दुख्यारी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

सरकार ने कितने विज्ञापन निकाले
फिर भी ना सोचे नशा करने वाले

आदत नशे की छोड दो सारी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

नशेडी, शराबी, चरसी नाम पडे है
जो लोग ऐसे काम करे है

क्या खुश होती होगी ये सुनकर
मा, बहन और बीवी तुम्हारी?
ये सूचना
जनहित
मे जारी


कभी ना बसने दे घर किसी का
दुश्मन है ये घर की खुशी का

खुश रहोगे मान लो बात हमारी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

काया को जाये निगल ये
करवा दे अपनो के कत्ल ये

इसने अच्छो- अच्छो की मत है मारी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

मेरे ये दो शब्द पडकर
गर संभल जाये कोई गिरकर

उसकी रहुंगी मै आभारी
ये सूचना
जनहित
मे जारी

पूजा तोमर
****GOD****

Trusting on God won't make the mountain smaller, But will make climbing easier. Do not ask GOD for lighter load. But ask him for a stronger back.


Pooja Tomar